नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज, सुरक्षा बढ़ी; कई जगह तनावपूर्ण स्थिति

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Protests at Jantar Mantar against the NEET paper leak intensify

नई दिल्ली। Protests at Jantar Mantar against the NEET paper leak intensify, नीट पेपर लीक का विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर गुरुवार को भी प्रदर्शनकारी जुट रहे हैं। इससे पहले, बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन उग्र हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से धक्कामुक्की की, पथराव किया और पानी की बोतलें फेंकीं। दो बार टकराव की स्थिति आई। दोपहर करीब 4:30 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें पंजाबी बाग के एसीपी जयप्रकाश जख्मी हो गए। पुलिस हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।

इसके बाद रात करीब 8:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने एनडीएमसी चौराहा व टालस्टॉय मार्ग के पास फिर पथराव शुरू कर दिया। कुछ पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और आरएएफ के जवानों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और लाठीचार्ज कर 10 मिनट के अंदर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। प्रदर्शनकारियों के हमले व पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें एसीपी विवेक भगत भी शामिल हैं। तीनों को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद जंतर-मंतर पर रात भर माहौल तनाव से भरा रहा

केजरीवाल ने वीडियो पोस्ट कर सरकार को चेताया

वहीं, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो पोस्ट कर सरकार को प्रदर्शनकारियों पर किसी संभावित क्रैकडाउन को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई, ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करेगी। इसलिए मेरी अपील है कि सरकार ऐसी गलती न करें, क्योंकि ये जेन-जी हैं और ये किसी से डरेंगे नहीं।

बंगाल से सीआरपीएफ की 20 कंपनियां बुलाई गई

उधर, गृह मंत्रालय ने सुरक्षा के मद्देनजर बंगाल से सीआरपीएफ की 20 कंपनियां बुलाई हैं। बुधवार सुबह से ही प्रदर्शन का दायरा जंतर-मंतर से होते हुए संसद मार्ग और टालस्टाय मार्ग तक बढ़ गया। एहतियात के तौर पर सुबह 10:30 बजे जनपथ, कनाट प्लेस सहित आसपास के 16 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार को बंद कर दिया गया था, इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ती चली गई।

बुधवार को संसद मार्ग और टालस्टॉय मार्ग पर करीब 30 हजार प्रदर्शनकारी थे। संसद मार्ग पर जुटी भीड़ फिर संसद भवन की ओर बढ़ने लगी तो सुरक्षाबलों के साथ धक्कामुक्की भी हुई।

इस बीच सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने ट्रक पर चढ़कर लोगों को रुकने की अपील की और सुरक्षाबल ने भी भीड़ को रोकने के लिए मोर्चा संभाल लिया था, तब जाकर भीड़ शांत हुई। अब सीजेपी समर्थक अशोक रोड और जनपथ मार्ग पर की तरफ बढ़ने लगे हैं। जंतर-मंतर और टालस्टाय मार्ग के साथ संसद मार्ग को बंद कर दिया गया है। इस बीच शाम साढ़े छह बजे मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार को खोल दिया गया।

सरकार से अब बात जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थल पर ही होगी: सौरव दास

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर फिर वार्ता करने का संदेश दिया, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। कहा कि अब बातचीत या तो जंतर-मंतर पर होगी या आसपास किसी तटस्थ स्थल पर। वहीं, एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमलोग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले नहीं हटेंगे।

राजनीतिक होता जा रहा विरोध प्रदर्शन

बुधवार को भी सीजेपी के मंच पर माकपा नेता वृंदा करात, सपा के अतुल प्रधान, महाराष्ट्र के शेतकारी संगठन के मनोज जरांगे पाटिल समेत कई नेता पहुंचे और समर्थन दिया।

विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे लोग

जंतर-मंतर पर ऐसे बहुत लोग हैं, जो कई दिनों से वहां डटे हैं। उप्र, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक व हरियाणा समेत कई राज्यों से लोग पहुंच रहे हैं। हर आयु वर्ग की सहभागिता देखने को मिल रही है।